Articles

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन - संपूर्ण विधि

 

किसी भी पूजन में प्रारंभिक चरण -

  • आचमन :

ॐ केशवाय नमः |

ॐ नारायणाय नमः |

ॐ माधवाय नमः |

ॐ हृषिकेशाय नमः ॐ गोविन्दाय नमः ||

 

  • बाह्य शुद्धि :

अपवित्र पवित्र उवा सर्वावस्थां गतो अपि वा 

यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर शुचिः ||

ॐ पुण्डरीकाक्षः पुनातु

ॐ पुण्डरीकाक्षः पुनातु 

ॐ पुण्डरीकाक्षः पुनातु माम्

 

 

  • आसन शुद्धि:

ॐ पृथ्वि त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता 

संपूर्ण सुंदरकांड - अर्थसहित - Sampoorna Sundarkand with Hindi Meaning

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥  श्रीजानकीवल्लभो विजयते  श्रीरामचरितमानस पद्ञम सोपान सुन्दरकाण्ड 

तीन दुर्लभ विद्याएं - चौर गणपति विद्या | उद्घाटन विद्या | अघमर्दिनी विद्या

चोर गणपति विद्या की लिखित विधि 

भगवान् द्वारदेवताधिपति विघ्नेश्वर गणपति का ध्यान (जिनके पचास गण देहद्वारों में विघ्नकर्ता चोर के रूप में उपस्थित रहते हैं) तन्त्रशास्त्रों में निम्न प्रकार से बताया गया है -

अथ वक्ष्ये द्वारदेवध्यानं तन्त्रेषु गोपितम्। 
देवद्वारं द्वारदेवाः स्वयमुच्चाटयन्ति ये॥ (हाहारावतन्त्र)

अब मैं तन्त्रों में गोपनीय द्वारदेव का ध्यान बताता हूँ, जिसके द्वारा द्वारदेवता स्वयं देवद्वार का उच्चाटन कर देते हैं।